Sunday, February 9, 2025

प्रश्न - ‘ दुनिया में कुछ कर दिखाओ ` इस भजन के माध्यम से राष्ट्र संत तुकडोजी महाराज क्या संदेश देना चाहते हैं । यह स्पष्ट कीजिए ?

 प्रश्न - ‘ दुनिया में कुछ कर दिखाओ ` इस भजन के माध्यम से राष्ट्र संत तुकडोजी महाराज क्या संदेश देना चाहते हैं । यह स्पष्ट कीजिए ?

उत्तर - राष्ट्र संत तुकडोजी महाराज इस भजन के माध्यम से यह बताना चाहते हैं कि हम समाज में रहते हैं तो हमें समाज के लिए भी कुछ करना चाहिए। इस भजन में तुकडोजी महाराज कहते हैं कि कभी भी किसी को खुद की तारीफ नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से हम समाज में होकर भी कोई हमें देख नहीं सकता । जब हम इस समाज में रहते हैं तब हमें सभी के साथ नरमी के साथ व्यवहार करना चाहिए।

                      नरमी से बर्ताव करने वाले व्यक्ति कि समाज के अंदर एक अद्भुत शक्ति होती है। जब हम सच्चाई के रास्ते पर चलते हैं तो हमें पूरी लगन व मेहनत के साथ उस रास्ते पर चलना चाहिए। चाहे हमें उस रास्ते पर चलते समय कुछ मिले या ना मिले लेकिन हमें उस रास्ते को छोड़ना नहीं चाहिए। सुख हो या दुख हो हमेशा भगवान को याद करते रहना चाहिए ।

                         तुकडोजी महाराज कहते हैं कि हमारा पेट कितना छोटा है लेकिन कितना कुछ खाता है और अभी तक खाये जा रहा है । वह कहते हैं हमारे पैर कितने छोटे हैं लेकिन वे कितना चल चुके हैं और न जाने कितने मीलों तक चलेंगे । हमारी आंखें कितनी छोटी है परंतु वह बहुत दूर तक आसमान को देख सकती है। तुकडोजी महाराज कहते हैं कि देखो इस छोटी सी दुनिया में अपने सुरों से सभी को बांध रखा है।

                         तुकडोजी महाराज कहते हैं कि हम सबको यहां से एक न एक दिन अवश्य जाना है। यहां पर कोई भी व्यक्ति रुकने के लिए नहीं आया है । सभी को एक न एक दिन यहां से अवश्य जाना है। वह कहते हैं कि ना ही हमारी यहां पर सत्ता रहेगी और मृत्यु के बाद यहां पर कई नए लोग जन्म लेंगे। यह कई सदियों से चला आ रहा है और चलता ही रहेगा। यहां पर हमारा तन भी नहीं रहेगा और हमें सब कुछ छोड़कर जाना है । हमें समाज के लोगों के लिए कुछ करना होगा। तुकडोजी महाराज कहते हैं कि जो कुछ करना है अपने दम पर करना चाहिए। तपस्या कर लो नहीं तो यहां से चले जाओगे फिर अपनी जिंदगी को सफल बनाओ या फिर कुछ इस समाज के लिए करो जो कि तुम्हारा मरने के बाद भी नाम लिया जाए। यदि कुछ नहीं कर सकते और दूसरे को काम करने का मौका देना चाहिए।

                          तुकडोजी महाराज कहते हैं कि अगर हम कुछ काम करना चाहते हैं तो फिर हम कहते हैं कि इस काम को हम बाद में कर लेंगे या फिर हम इसे टाल देते हैं। इससे हम बहुत आलसी बन जाते हैं या हमें कोई काम दिया जाता है तब हम उस काम को नहीं करते। इस कारण हमारी बातों पर कोई भी व्यक्ति विश्वास नहीं करता ।हमें जो भी काम करना होता है वह समय पर करना चाहिए अगर आज हमने उस काम को नहीं किया तो हम कल भी उस काम को नहीं कर सकते।

                                संत तुकडोजी महाराज कहते हैं कि यदि हम कुछ काम  नहीं करते हैं तो हम मुर्दे की तरह बन जाते हैं। वह इंसान ही नहीं रहता जो की मुर्दे की तरह बना रहता है किंतु हमें कुछ ऐसा करके दिखाना चाहिए जिसे समाज में हमारा नाम हो और हमें समाज की भलाई के लिए कुछ ऐसा करना चाहिए और यदि हमने समय पर काम नहीं किया तो हमारी जगह हमसे बढ़कर कोई दूसरा व्यक्ति बाजी मारकर ले जाएगा।

                              राष्ट्रसंत तुकडोजी जी महाराज कहते हैं कि हमें किसी को भी यह नहीं कहना चाहिए कि दुनिया हमारी है। क्योंकि इस दुनिया में कई लाखों करोड़ों लोगों ने बहुत प्रयत्न किए हैं लेकिन आज तक इस दुनिया को कोई भी अपना नहीं कह सकता। लाखों लोग आए, लाखों लोग गए किंतु कोई दुनिया पर पूरी तरह से राज नहीं कर सका है । वह कहते हैं अपनी शान दिखाने के लिए कई व्यक्ति प्रयत्न कर चुके हैं किंतु तुम इसके पीछे अपनी जान क्यों देते हो। तुकडोजी कहते हैं कि जिसने भी इस दुनिया में इस समाज में रहने वाले लोगों के लिए कोई भी अच्छे कार्य किए हैं इस व्यक्ति का नाम इस दुनिया और समाज के लोगों में रह जाता है और मृत्यु के बाद भी उस व्यक्ति का नाम बहुत आदर व सत्कार से लिया जाता है। 

                    राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज ने इस तरह से अपने भजन के माध्यम से लोगों तक अपनी बात को समझाने का प्रयत्न किया है।

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