Monday, July 21, 2025

समाचारपत्रों की विशेषताएँ बताइये।

प्रश्न - समाचारपत्रों की विशेषताएँ बताइये।

उत्तर - मुख्य रूप से समाचार पत्र प्रिंट मीडिया हैं, हालांकि डिजिटल युग में ऑनलाइन समाचार पत्र और ई-समाचार पत्र उपलब्ध हैं। यही कारण है कि इसमें वे सभी विशेषताएं हैं जो किसी भी प्रिंट माध्यम में होती हैं। मास मीडिया की प्रमुख विशेषताएं नीचे दी गई हैं:


1) समाचार-उन्मुख सामग्री की प्रधानता:

अख़बारों में तीन तरह की सामग्री होती है: समाचार, विचार और विज्ञापन। इनमें से समाचार बाकी सभी पर हावी हो जाते हैं क्योंकि अख़बार मुख्य रूप से समाचारों के प्रसार के लिए होते हैं।


2) नियमित आवधिकता:

 समाचार पत्र दैनिक या साप्ताहिक प्रकाशित हो सकते हैं। आवधिकता अलग-अलग हो सकती है, लेकिन नियमितता बनाए रखना चाहिए। हर समाचार पत्र प्रकाशन में एक खास नियमितता रखता है।


 3) भविष्य संदर्भ सुविधा:

 प्रिंट माध्यम होने के कारण समाचार-पत्रों को भविष्य में उपयोग के लिए सुरक्षित रखा जा सकता है। यह संग्रहण क्षमता समाचार-पत्रों को ऐतिहासिक शोध के मुख्य स्रोतों में से एक बनाती है।

4)उपयोग के समय का चयन:

टेलीविजन और रेडियो के विपरीत, हम किसी भी समय समाचार पत्र पढ़ सकते हैं। कुछ लोग सुबह पढ़ते हैं जबकि अन्य लोग काम के बाद शाम को। यह सुविधा समाचार पत्रों की लोकप्रियता बढ़ाती है।

5) साक्षरों का माध्यम:

टेलीविजन और रेडियो के विपरीत, समाचार पत्र दर्शकों से साक्षरता की मांग करता है।

6) कम लागत:

 अन्य मीडिया की तुलना में, समाचार पत्र एक लागत प्रभावी माध्यम है। कोई भी व्यक्ति समाचार पत्र खरीद सकता है क्योंकि इसमें किसी छिपे हुए शुल्क या अन्य सामान की आवश्यकता नहीं होती है। इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को बिजली की आपूर्ति की आवश्यकता होती है और नए मीडिया को डिजिटल तकनीक की आवश्यकता होती है।

7) एकाधिक उपयोगकर्ता:

कई पाठक समाचार पत्र की एक प्रति एक साथ या अलग-अलग पढ़ सकते हैं।

8) पाठ्य माध्यम:

पाठ्य सामग्री समाचार पत्रों की आत्मा है, हालांकि उनमें चित्र और ग्राफिक्स भी होते हैं।

9) समाचार पत्र की सामग्रियां -

सामान्य रुचि वाले समाचार पत्र आम तौर पर वर्तमान समाचारों की पत्रिकाएँ होती हैं। इनमें शामिल हो सकते हैं: 

राजनीतिक घटनाएँ,अपराध, व्यापार ,संस्कृति ,खेल,राय (संपादकीय, स्तंभ या राजनीतिक कार्टून)

समाचार पत्र कहानियों को चित्रित करने के लिए फोटोग्राफों का उपयोग करते हैं; वे संपादकीय कार्टूनिस्टों का उपयोग, आमतौर पर समाचार के बजाय राय को चित्रित करने के लिए करते हैं। 


एक समाचार पत्र की अन्य विशेषताएं  


• मौसम समाचार और पूर्वानुमान 

• एक सलाह स्तंभ 

• फिल्मों, नाटकों, रेस्तरां आदि की आलोचनात्मक समीक्षा। 

• संपादकीय राय 

• एक गपशप कॉलम

• कोई खेल स्तंभ या अनुभाग

समाचार लेखन की विशेषताएं लिखिए।

 प्रश्न - समाचार लेखन की विशेषताएं लिखिए।

उत्तर :- 

भूमिका - समाचार लेखन कला के अंतर्गत समाचारों को लिखने की क्रिया पूरी की जाती है उसे समाचार घटनाओं और विषय-वस्तु से संबंधित बातों को लिखा जाता है जो कि समाचार के रूप में होता है। समाचारों को पढ़कर पाठक वस्तु स्थिति से अवगत होते हैं। समाचार को सुनकर और पढ़कर उसके संबंध में जानकारी प्राप्त होती है।

समाचार लेखन की विभिन्न विशेषताएं होती हैं जो निम्नलिखित हैं -

(i) घटनाओं से संबंधित विषय-वस्तु को समाचार में लिखा जाता है।

(ii) भाषा सरल रखा जाता है। जिससे कि पाठक को समाचार पढ़ने पढ़कर उसकी सभी बातों की सही जानकारी प्राप्त हो सके।

(iii) पैराग्राफ को आकर्षक ढंग से लिखना चाहिए। जब एक बात पूरी होकर समाप्त हो जाए तो पैराग्राफ बदलकर दूसरी बात को लिखा जाता है।

(iv) जहां तक प्रयत्न यह करना चाहिए कि सच्चाई के साथ घटनाओं को समाचार में दर्ज करना चाहिए।

(v) समाचार लिखते समय वैसी भाषा का प्रयोग किया जाता है जो समझने में आसान होती है।

(vi) समाचार लेखन का काम करते समय यह ध्यान रखा जाता है कि घटनाओं से संबधित विषय-वस्तु को आवश्यकता पडने पर प्रमाणित किया जा सके।


Thursday, July 17, 2025

कम्प्यूटर में हिंदी के प्रमुख साफ्टवेयर के बारे में बताइए।


प्रश्न - कम्प्यूटर में हिंदी के प्रमुख साफ्टवेयर के बारे में बताइए।

उत्तर - हिंदी भाषा को कंप्यूटर पर उपयोगी और सुलभ बनाने के लिए अनेक हिंदी सॉफ्टवेयर विकसित किए गए हैं। इन सॉफ्टवेयरों की सहायता से हिंदी में टाइपिंग, अनुवाद, वाचन, वर्तनी जांच, और प्रकाशन जैसे कार्य आसानी से किए जा सकते हैं। नीचे हिंदी के प्रमुख सॉफ्टवेयरों का विवरण दिया गया है:


इनस्क्रिप्ट (INSCRIPT):

यह सरकारी मान्यता प्राप्त कीबोर्ड लेआउट है, जो देवनागरी सहित कई भारतीय भाषाओं के लिए उपयोगी है। इनस्क्रिप्ट कीबोर्ड की सहायता से बिना किसी अतिरिक्त सॉफ्टवेयर के हिंदी में टाइपिंग की जा सकती है।


गूगल इनपुट टूल्स (Google Input Tools):

यह एक लोकप्रिय सॉफ्टवेयर है जो वाक्य या शब्दों को रोमन हिंदी (Jaise ki yeh) से देवनागरी हिंदी (जैसे कि यह) में बदल देता है। यह ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों मोड में उपलब्ध है और इसके लिए विशेष प्रशिक्षण की आवश्यकता नहीं होती।


आईएलडीसी टूल्स (ILDC Tools):

भारतीय भाषा कंप्यूटिंग विकास केंद्र (Indian Language Data Centre) द्वारा विकसित इन टूल्स में हिंदी टाइपिंग, अनुवाद, वर्तनी जांचक, फॉन्ट और ओसीआर उपकरण शामिल हैं।


बरह (Baraha):

यह हिंदी सहित अन्य भारतीय भाषाओं में टाइपिंग के लिए एक सरल सॉफ्टवेयर है। यह रोमन लिपि को देवनागरी में बदल देता है और ऑफिस या नोटपैड जैसे सॉफ्टवेयरों में भी उपयोगी है।


अभिनव वर्तनी जांचक (Avro Spell Checker):

हिंदी लेखन में वर्तनी की अशुद्धियों को पकड़ने के लिए यह सॉफ्टवेयर उपयोगी है। यह स्वतः सुझाव भी देता है जिससे सही शब्दों का चयन किया जा सके।


गूगल ट्रांसलेट (Google Translate):

यह एक अनुवादक सॉफ्टवेयर है जो हिंदी और अन्य भाषाओं के बीच अनुवाद की सुविधा देता है। इसका उपयोग वेबसाइटों, दस्तावेज़ों, और व्यक्तिगत संवादों में किया जाता है।


इन सॉफ्टवेयरों ने हिंदी भाषा को डिजिटल दुनिया में सशक्त बनाने का कार्य किया है और हिंदी को कंप्यूटर के माध्यम से वैश्विक मंच पर पहचान दिलाने में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

कंप्यूटर में हिंदी भाषा की उपयोगिता।

 प्रश्न - कंप्यूटर में हिंदी भाषा की उपयोगिता

उत्तर - आजकल कंप्यूटर का इस्तेमाल हर जगह हो रहा है – जैसे पढ़ाई में, दफ्तरों में, अस्पतालों में, बैंक में, सरकारी कामों में और घर पर भी। ऐसे में अगर कंप्यूटर हिंदी भाषा में काम करे, तो यह करोड़ों हिंदी बोलने वाले लोगों के लिए बहुत फायदेमंद होता है।

हिंदी भारत की राजभाषा है और देश की सबसे ज्यादा लोग इसे बोलते और समझते हैं। लेकिन बहुत से लोग अंग्रेजी नहीं जानते, इसलिए अगर कंप्यूटर केवल अंग्रेजी में ही हो, तो वे लोग उसका सही उपयोग नहीं कर पाते। जब कंप्यूटर हिंदी में भी काम करता है, तो आम लोग भी आसानी से उसका इस्तेमाल कर सकते हैं।

अब कंप्यूटर में हिंदी टाइपिंग, हिंदी बोलकर लिखना, हिंदी में पढ़ना और सुनना सब संभव हो गया है। मोबाइल, लैपटॉप, इंटरनेट, ऐप्स और वेबसाइटों में भी हिंदी भाषा का ऑप्शन मिलता है। इससे पढ़ाई, काम और जानकारी लेना सब आसान हो जाता है।

शिक्षा के क्षेत्र में, हिंदी भाषा में ऑनलाइन क्लास, वीडियो, किताबें और टेस्ट मिल जाते हैं। इससे बच्चे और बड़े, दोनों ही अपनी भाषा में सीख सकते हैं। इससे पढ़ाई में रुचि भी बढ़ती है।

सरकारी कामकाज में, अब बहुत सारी सरकारी वेबसाइट और सेवाएं हिंदी में मिल रही हैं। जैसे – आधार कार्ड, राशन कार्ड, पेंशन, बैंक सेवा आदि की जानकारी हिंदी में मिलने से गांव और छोटे शहरों के लोग भी इसका लाभ ले पा रहे हैं।

खबरों और व्यापार में, बहुत सी न्यूज वेबसाइट, ब्लॉग, और ऑनलाइन दुकानें हिंदी में काम कर रही हैं। इससे हिंदी बोलने वाले लोग आसानी से समाचार पढ़ सकते हैं और ऑनलाइन खरीदारी भी कर सकते हैं।

इस तरह से कंप्यूटर में हिंदी भाषा के आने से लोगों को तकनीक के साथ जोड़ने में मदद मिलती है। इससे लोग ज्यादा जानकारी ले पाते हैं, अपने काम खुद कर पाते हैं और आत्मनिर्भर बनते हैं।

निष्कर्ष यह है कि जब कंप्यूटर हिंदी भाषा में काम करता है, तो वह देश के सामान्य लोगों के लिए भी उपयोगी और आसान बन जाता है। यह हमारी भाषा, संस्कृति और आत्मविश्वास को मजबूत करता है।


कम्प्युटर और हिंदी भाषा को स्पष्ट करें।


प्रश्न - कम्प्युटर और हिंदी भाषा को स्पष्ट करें।

उत्तर - कम्प्युटर आज के समय की एक चमत्कारी खोज है। यह एक ऐसा यंत्र है जो बहुत तेज़ी से सोचने, लिखने, गिनने और जानकारी को जमा करने का काम करता है। आज जीवन का कोई भी क्षेत्र ऐसा नहीं बचा है जहाँ कम्प्युटर का उपयोग न हो रहा हो। शिक्षा, व्यापार, विज्ञान, चिकित्सा, बैंक, रेलवे, सरकारी दफ्तर—हर जगह कम्प्युटर की जरूरत बढ़ती जा रही है।

भारत जैसे देश में, जहाँ करोड़ों लोग हिंदी भाषा बोलते और समझते हैं, वहां कम्प्युटर का हिंदी भाषा में उपयोग बहुत जरूरी हो गया है। पहले कम्प्युटर पर काम करने के लिए केवल अंग्रेज़ी का ही सहारा था, जिससे गाँव और छोटे शहरों के लोग इसका पूरा लाभ नहीं उठा पाते थे। लेकिन अब समय बदल गया है। तकनीकी विकास के कारण आज कम्प्युटर पर हिंदी भाषा में भी आसानी से काम किया जा सकता है।

अब हिंदी टाइपिंग, हिंदी में इंटरनेट चलाना, बोलकर लिखना, अनुवाद करना, और हिंदी में पढ़ाई-लिखाई करना आसान हो गया है। Microsoft, Google जैसी बड़ी कंपनियाँ भी हिंदी भाषा में अपनी सेवाएँ देने लगी हैं। मोबाइल फोन, कम्प्युटर, लैपटॉप, टैबलेट—सबमें हिंदी भाषा की सुविधा उपलब्ध है। इससे अब आम हिंदी भाषी लोग भी डिजिटल दुनिया से जुड़ पा रहे हैं।

भारत सरकार ने ‘डिजिटल इंडिया’, ‘ई-गवर्नेंस’, ‘भारत नेट’ जैसी योजनाओं में हिंदी भाषा को प्राथमिकता दी है, ताकि हर नागरिक तक तकनीक पहुँचे। किसान, छात्र, दुकानदार, शिक्षक—हर वर्ग के लोग कम्प्युटर और हिंदी की मदद से अपना काम आसानी से कर पा रहे हैं।

आज सोशल मीडिया, ब्लॉग लेखन, यूट्यूब, ऑनलाइन कोर्स आदि में हिंदी का उपयोग बहुत तेजी से बढ़ रहा है। बच्चे, बूढ़े और महिलाएँ भी अब कम्प्युटर का प्रयोग कर रहे हैं क्योंकि हिंदी में सबकुछ समझना आसान हो गया है।

निष्कर्ष - इस तरह कहा जा सकता है कि कम्प्युटर और हिंदी भाषा का मेल एक बहुत ही उपयोगी और जनसहायक कदम है। इससे न केवल तकनीक का विस्तार हो रहा है, बल्कि हमारी मातृभाषा हिंदी को भी नई ऊँचाइयाँ मिल रही हैं।

हिंदी भाषा में संगणक का महत्व समझाइए.

 प्रश्न: हिंदी भाषा में संगणक का महत्व समझाइए। 

उत्तर:

आज का समय तकनीक और कंप्यूटर का है। संगणक यानी कंप्यूटर एक ऐसा यंत्र है जो हमारे कई कामों को आसान और तेज़ बना देता है। जब यह कंप्यूटर हिंदी भाषा में काम करता है, तो यह हमारे लिए और भी उपयोगी हो जाता है, खासकर भारत जैसे देश में, जहाँ करोड़ों लोग हिंदी बोलते और समझते हैं।

कंप्यूटर का उपयोग अब सरकारी दफ्तरों, स्कूलों, अस्पतालों, खेती, व्यापार, बैंक और अदालतों तक हो रहा है। जब ये सभी काम हिंदी में होते हैं, तो आम जनता को समझने और लाभ लेने में आसानी होती है। उदाहरण के लिए, सरकार की योजनाएं और सुविधाएं जब हिंदी भाषा में कंप्यूटर के ज़रिए लोगों तक पहुँचती हैं, तो गाँवों और दूर-दराज़ के लोग भी उनसे जुड़ पाते हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में भी कंप्यूटर और हिंदी का मेल बहुत उपयोगी है। अब कई ऑनलाइन पढ़ाई के मंच, वीडियो, किताबें और परीक्षा सामग्री हिंदी में उपलब्ध है, जिससे हिंदी भाषी छात्र आसानी से पढ़ाई कर पा रहे हैं।

इसके अलावा, हिंदी में ब्लॉग लिखना, वीडियो बनाना, सोशल मीडिया चलाना और समाचार पढ़ना भी अब कंप्यूटर के जरिए बहुत सरल हो गया है।

अब तो ऐसे सॉफ्टवेयर भी आ गए हैं जो हिंदी में टाइप करने, अनुवाद करने या बोलने से लिखने का काम करते हैं।

निष्कर्ष:

हिंदी भाषा में कंप्यूटर का इस्तेमाल हमारे समाज को तकनीकी रूप से मजबूत बनाता है। यह आम लोगों को डिजिटल दुनिया से जोड़ता है और हिंदी को भी एक आधुनिक और उपयोगी भाषा के रूप में आगे बढ़ाता है।

कम्प्यूटर और हिंदी भाषा में कार्य प्रणाली

 प्रश्न - कम्प्यूटर और हिंदी भाषा में कार्य प्रणाली

उत्तर - कम्प्यूटर एक ऐसा इलेक्ट्रॉनिक यंत्र है, जो हमारे दिए गए निर्देशों के अनुसार काम करता है। यह बड़ी तेजी से गणना करता है, सूचनाओं को सहेजता है, उन्हें प्रोसेस करता है और फिर परिणाम देता है। इसकी कार्यप्रणाली तीन मुख्य भागों में बंटी होती है – इनपुट (Input), प्रोसेसिंग (Processing) और आउटपुट (Output)।

इनपुट का मतलब है – जानकारी को कम्प्यूटर में डालना। यह हम कीबोर्ड, माउस, स्कैनर आदि से करते हैं। फिर कम्प्यूटर का दिमाग यानी ‘सी.पी.यू.’ उस जानकारी को समझता है और आवश्यक काम करता है। यह प्रक्रिया प्रोसेसिंग कहलाती है। उसके बाद परिणाम हमें स्क्रीन पर दिखाई देता है या प्रिंटर से निकलता है, जिसे आउटपुट कहते हैं।


अब बात करते हैं – हिंदी भाषा की कम्प्यूटर में कार्य प्रणाली की। पहले कम्प्यूटर केवल अंग्रेज़ी भाषा में ही काम करता था, लेकिन अब तकनीक में बहुत सुधार हुआ है। आज हिन्दी भाषा को भी कम्प्यूटर अच्छी तरह समझता है और उस पर काम भी करता है।


इसके लिए यूनिकोड (Unicode) नामक तकनीक बहुत उपयोगी साबित हुई है। यूनिकोड की मदद से हिंदी फॉन्ट्स को कम्प्यूटर आसानी से पढ़ और दिखा सकता है। हिंदी में टाइपिंग के लिए इनस्क्रिप्ट, रेमिंगटन, फोनेटिक जैसे की-बोर्ड लेआउट उपलब्ध हैं।


आज लगभग सभी मोबाइल, कम्प्यूटर और वेबसाइट हिंदी भाषा में काम कर सकते हैं। गूगल, फेसबुक, यूट्यूब, व्हाट्सऐप जैसी सेवाओं में हिंदी का प्रयोग आम हो गया है। हिंदी में बोलकर लिखने (वॉयस टाइपिंग) की सुविधा भी उपलब्ध है।


इस प्रकार कम्प्यूटर और हिंदी भाषा की कार्य प्रणाली अब एक साथ काम कर रही है, जिससे आम आदमी भी तकनीकी दुनिया से जुड़ पा रहा है और डिजिटल भारत की दिशा में आगे बढ़ रहा है।

कम्प्यूटर को परिभाषित करके उसके प्रकार को स्पष्ट करें।

 प्रश्न -  कम्प्यूटर को परिभाषित करके उसके प्रकार को स्पष्ट करें।

परिभाषा:

कम्प्यूटर एक तेज, सटीक एवं स्वचालित इलेक्ट्रॉनिक यंत्र है, जो उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार डाटा को संग्रहित, संसाधित और विश्लेषित करके उपयोगी सूचनाओं में बदलता है। इसका प्रयोग गणना, संचार, डिज़ाइन, शिक्षा, चिकित्सा, बैंकिंग तथा औद्योगिक क्षेत्रों सहित लगभग हर क्षेत्र में होता है।

कम्प्यूटर के प्रकार:

कम्प्यूटर के प्रकार को उनके आकार, कार्यक्षमता और उपयोग के आधार पर विभिन्न वर्गों में बाँटा गया है। मुख्यतः इसके निम्नलिखित प्रकार हैं:

सुपर कम्प्यूटर (Super Computer):

यह सबसे तेज और शक्तिशाली कम्प्यूटर होते हैं। इनका प्रयोग वैज्ञानिक अनुसंधान, मौसम पूर्वानुमान, परमाणु परीक्षण, अंतरिक्ष अनुसंधान आदि में होता है। उदाहरण – परम (भारत), Summit, Fugaku आदि।

मेनफ्रेम कम्प्यूटर (Mainframe Computer):

ये बड़े आकार के कम्प्यूटर होते हैं जो एक साथ कई उपयोगकर्ताओं द्वारा उपयोग किए जा सकते हैं। इनका उपयोग बैंक, रेलवे आरक्षण, बीमा कंपनियों आदि में होता है।


मिनी कम्प्यूटर (Mini Computer):

यह मेनफ्रेम से छोटे और माइक्रो से बड़े होते हैं। इनका प्रयोग छोटे व्यवसायिक संस्थानों में होता है।

माइक्रो कम्प्यूटर (Micro Computer):

यह सामान्य उपयोग के लिए बनाए गए छोटे कम्प्यूटर होते हैं, जैसे – डेस्कटॉप, लैपटॉप, टैबलेट आदि। ये घर, विद्यालय और कार्यालयों में उपयोग किए जाते हैं।

निष्कर्ष:

कम्प्यूटर अपने प्रकारों के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों की आवश्यकताओं को पूरा करता है, जिससे यह आधुनिक युग की एक अनिवार्य तकनीक बन गया है.






कम्प्यूटर का अर्थ, स्वरूप एवं परिभाषा को स्पष्ट करें।


प्रश्न - कम्प्यूटर का अर्थ, स्वरूप एवं परिभाषा को स्पष्ट करें।

उत्तर - कम्प्यूटर एक आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक यंत्र है जो दिए गए निर्देशों के अनुसार डाटा को प्रोसेस करके उपयोगी जानकारी प्रदान करता है। यह गणना, डाटा संग्रहण, विश्लेषण और सूचनाओं के आदान-प्रदान में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होता है।

अर्थ:

‘कम्प्यूटर’ शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के "computare" शब्द से हुई है, जिसका अर्थ है — ‘गणना करना’। प्रारंभ में इसका उपयोग केवल अंकगणितीय कार्यों के लिए किया जाता था, किंतु आज यह एक बहुउपयोगी यंत्र बन चुका है, जो शिक्षा, व्यापार, चिकित्सा, अनुसंधान, बैंकिंग, मनोरंजन आदि अनेक क्षेत्रों में उपयोग किया जा रहा है।

स्वरूप:

कम्प्यूटर दो प्रमुख भागों से मिलकर बना होता है –

अ) हार्डवेयर: वे भौतिक अंग जो देखे और छुए जा सकते हैं, जैसे – मॉनिटर, कीबोर्ड, माउस, सीपीयू, प्रिंटर आदि।

आ) सॉफ्टवेयर: वे प्रोग्राम या निर्देशों का समूह जो कम्प्यूटर को कार्य करने के लिए सक्षम बनाते हैं, जैसे – विंडोज़, एमएस वर्ड, एक्सेल, ब्राउज़र आदि।

कम्प्यूटर मुख्यतः तीन चरणों में कार्य करता है –

इनपुट (Input), प्रोसेसिंग (Processing) और आउटपुट (Output)।

परिभाषा:

कम्प्यूटर एक तीव्रगामी, स्वचालित, सुसंगठित और बहुउपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जो उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार डाटा का विश्लेषण, गणना और संग्रहण करता है तथा वांछित परिणाम प्रदान करता है।

निष्कर्ष : कम्प्यूटर ने मानव जीवन को सरल, तेज और प्रभावशाली बना दिया है। आज यह केवल एक गणना मशीन न रहकर ज्ञान, सूचना और नवाचार का शक्तिशाली साधन बन गया है। यह डिजिटल युग की रीढ़ है।


कम्प्यूटर को परिभाषित करके उसके अंगों को स्पष्ट कीजिए।

प्रश्न - कम्प्यूटर को परिभाषित करके उसके अंगों को स्पष्ट कीजिए।

परिभाषा:

कम्प्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक यंत्र है जो उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार डाटा को संसाधित करके उपयोगी सूचनाओं में बदलता है। यह तीव्र गति, सटीकता और स्वचालितता से कार्य करता है। कम्प्यूटर का प्रयोग गणना, डाटा संग्रहण, विश्लेषण, सूचना प्रसारण, संचार आदि में किया जाता है। यह इनपुट, प्रोसेसिंग और आउटपुट की प्रक्रिया पर कार्य करता है।

कम्प्यूटर के प्रमुख अंग:

कम्प्यूटर दो मुख्य भागों से मिलकर बना होता है — हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर।

हार्डवेयर (Hardware):

हार्डवेयर वे भौतिक उपकरण होते हैं जिन्हें देखा और छुआ जा सकता है। इसके अंतर्गत मुख्यतः निम्नलिखित अंग आते हैं:

1)मॉनिटर: परिणाम (Output) दिखाने वाला उपकरण।

 2)कीबोर्ड: अक्षर, संख्या आदि इनपुट करने वाला यंत्र।

 3) माउस: पॉइंटर आधारित इनपुट यंत्र।

4) सी.पी.यू. (CPU): कम्प्यूटर का मस्तिष्क, जहाँ सभी निर्देशों का निष्पादन होता है।

 5) प्रिंटर: कागज पर आउटपुट देने वाला यंत्र।

सॉफ्टवेयर (Software):

सॉफ्टवेयर निर्देशों का वह समूह है जो कम्प्यूटर को कार्य करने में सहायता करता है। इसके दो प्रकार हैं:

1) सिस्टम सॉफ्टवेयर: जैसे – विंडोज़, लिनक्स आदि।

2) एप्लीकेशन सॉफ्टवेयर: जैसे – एमएस वर्ड, एक्सेल, पावरपॉइंट आदि।

निष्कर्ष:

कम्प्यूटर के ये अंग मिलकर उसे एक सशक्त, बहुउपयोगी एवं बहुविध कार्य करने वाला यंत्र बनाते हैं, जो आज जीवन के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।


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