प्रश्न - इंसान ही सब कुछ इस भजन में तुकडोजी महाराज क्या संदेश देना चाहते हैं यह स्पष्ट कीजिए।
उत्तर - यदि संदर्भ सहित भावार्थ लिखना है तो
संदर्भ - प्रस्तुत पंक्तियां हमारी पाठ्यपुस्तक लहर की बरखा के “ इंसान ही सब कुछ” से उद्धृत की गई है।
इसके कवि राष्ट्र संत तुकडोजी महाराज है जो की एक महान समाज सेवक भी थे।
प्रसंग - प्रस्तुत पंक्तियों में इस भजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया है कि इंसान ही सब कुछ होता है। अगर वह सत्य का रास्ता नहीं छोड़ता है तो उसे एक अद्भुत स्थान की प्राप्ति होती है।
व्याख्या - ( यहां पर व्याख्या इस प्रकार से दी जा रही है और इस व्याख्या को आप सीधे प्रश्नों के उत्तर के लिए भी लिख सकते हैं।)
संत तुकडोजी महाराज कहते हैं कि हर तरफ इंसान का चेहरा चमकता है क्योंकि इस कार्य की वजह से उसका नाम होता है। उसी के बर्ताव में एक अलग प्रभाव होता है। उसी के कारण इस की जीत भी होती है । उसे इंसान के हाथ में लक्ष्मी का स्थान होता है और इंसान में बहुत उदारता रहती है। इंसान के चरणों में मंगल होता है क्योंकि वह हमेशा सत्य के रास्ते पर चलते हैं और एक नई सुबह का चमकता सूर्य होता है।
तुकडोजी महाराज कहते हैं अगर इंसान का व्यवहार विनम्र होता है तो इंसान ही देवता होता है। जो इंसान सत्य का रास्ता पकड़ लेता है वह इंसान साधु भी बन सकता है। जब इंसान अपने मन को मनवा लेता है, इंसान ही वह वीर है जो कभी किसी के साथ अन्याय नहीं करता। इंसान की वह इंसान है जो हर समस्या का समाधान खोज निकालता है।
राष्ट्रीय संत तुकडोजी महाराज कहते हैं कि इंसान और भगवान ने कोई अंतर नहीं होता है। भगवान की जो चमक है वह चमक इंसान सत्य के रास्ते पर चलकर ला सकता है। जो इंसान का अवतार होता है वह अवतार उसे भगवान ही देता है। तुकडोजी महाराज कहते हैं कि भगवान की शक्ति और नीति वह एक तीर्थ के सम्मान होती है। सत्य के मार्ग से ही इंसान भगवान बन सकता है।
तुकडोजी महाराज कहते हैं कि इंसान के अंदर गुण और अवगुण दोनों ही होते हैं। लाखों अकेले पशु पक्षी इंसान जैसे नहीं कर सकते हैं। प्रकृति ने व्यक्ति को इसी प्रकार से ही बनाया है। व्यक्ति कोई भी कार्य कर सकता है किंतु पशु पक्षी कोई भी कार्य नहीं कर सकते हैं। इंसान का जन्म 84 लाख योनियों के बाद वह 84 लाख बार कीड़े मकोड़े बन कर ही इंसान का अवतार प्राप्त होता है। इंसान के कारण ही सुंदर-सुंदर बगीचे और हर तरफ उद्योग और संगीत और नृत्य दिखाई देता है। इंसान ही सब कुछ कर सकता है। वह जो कुछ भी चाहता है वह काम आसानी से बना सकता है अथवा कर सकता है। इंसान नामुमकिन को भी मुमकिन बन सकता है।
इस प्रकार से तुकडोजी महाराज ने इंसान ही सब कुछ है यह बताते की इस भजन के माध्यम से हम सभी को या संदेश दिया है।
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