प्रश्न - छायावादी कवियों के नाम लिखकर उनके रचनाओं के नाम लिखिए।
उत्तर - छायावादी काव्य हिंदी साहित्य के रोमांटिक उत्थान का काल था, जो लगभग 1918 से 1936 तक चला। इस युग के कवियों ने प्रकृति, प्रेम, सौंदर्य, रहस्यवाद और व्यक्तिवाद जैसे विषयों पर अपनी भावनाओं और कल्पनाओं को व्यक्त किया। छायावाद के चार प्रमुख स्तंभ माने जाते हैं:
छायावाद के चार स्तंभ:
जयशंकर प्रसाद:
रचनाएँ: कामायनी, आँसू, लहर, झरना।
सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला':
रचनाएँ: परिमल, गीतिका, अनामिका, तुलसीदास।
सुमित्रानंदन पंत:
रचनाएँ: वीणा, पल्लव, गुंजन, ग्राम्या।
महादेवी वर्मा:
रचनाएँ: नीहार, रश्मि, नीरजा, सांध्यगीत।
यह छायावाद के प्रमुख कवियों और उनकी कुछ महत्वपूर्ण रचनाओं का संक्षिप्त विवरण है।
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