प्रश्न - कम्प्यूटर का अर्थ, स्वरूप एवं परिभाषा को स्पष्ट करें।
उत्तर - कम्प्यूटर एक आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक यंत्र है जो दिए गए निर्देशों के अनुसार डाटा को प्रोसेस करके उपयोगी जानकारी प्रदान करता है। यह गणना, डाटा संग्रहण, विश्लेषण और सूचनाओं के आदान-प्रदान में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होता है।
अर्थ:
‘कम्प्यूटर’ शब्द की उत्पत्ति लैटिन भाषा के "computare" शब्द से हुई है, जिसका अर्थ है — ‘गणना करना’। प्रारंभ में इसका उपयोग केवल अंकगणितीय कार्यों के लिए किया जाता था, किंतु आज यह एक बहुउपयोगी यंत्र बन चुका है, जो शिक्षा, व्यापार, चिकित्सा, अनुसंधान, बैंकिंग, मनोरंजन आदि अनेक क्षेत्रों में उपयोग किया जा रहा है।
स्वरूप:
कम्प्यूटर दो प्रमुख भागों से मिलकर बना होता है –
अ) हार्डवेयर: वे भौतिक अंग जो देखे और छुए जा सकते हैं, जैसे – मॉनिटर, कीबोर्ड, माउस, सीपीयू, प्रिंटर आदि।
आ) सॉफ्टवेयर: वे प्रोग्राम या निर्देशों का समूह जो कम्प्यूटर को कार्य करने के लिए सक्षम बनाते हैं, जैसे – विंडोज़, एमएस वर्ड, एक्सेल, ब्राउज़र आदि।
कम्प्यूटर मुख्यतः तीन चरणों में कार्य करता है –
इनपुट (Input), प्रोसेसिंग (Processing) और आउटपुट (Output)।
परिभाषा:
कम्प्यूटर एक तीव्रगामी, स्वचालित, सुसंगठित और बहुउपयोगी इलेक्ट्रॉनिक उपकरण है, जो उपयोगकर्ता द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुसार डाटा का विश्लेषण, गणना और संग्रहण करता है तथा वांछित परिणाम प्रदान करता है।
निष्कर्ष : कम्प्यूटर ने मानव जीवन को सरल, तेज और प्रभावशाली बना दिया है। आज यह केवल एक गणना मशीन न रहकर ज्ञान, सूचना और नवाचार का शक्तिशाली साधन बन गया है। यह डिजिटल युग की रीढ़ है।
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