Sunday, February 16, 2025

प्रश्न- छात्रो का आंदोलन, इस भजन के माध्यम से तुकडोजी महाराज क्या संदेश दिना चाहते है। यह स्पष्ट किजिए।

 प्रश्न- छात्रो का आंदोलन, इस भजन के माध्यम से तुकडोजी महाराज क्या संदेश दिना चाहते है। यह स्पष्ट किजिए।


 उत्तर - राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज इस भजन के माध्यम यह बताते है कि जो यह राजकर्ता राजनेता लोग जो इस देश को नष्ट करने पर आमदा हो रहे है। तब यह छात्र आंदोलन करते हैं।


तुकडोजी महाराज, कहते है कि यह जो राजनेता लोग होते हैं वह अपनी सत्ता बनाने के लिए किसी भी हदतक जाते है। राजनेता लोग समाज में रहने वाले को जबरदस्ती से वोट देने के लिए जोर डालते हैं । वह कहते हैं मंदिरों में गायें काटो और पवित्र स्थान पर जहां लोग पूजा पाठ करते हैं उसको अशुद्ध करो। जो साधु संत लोग हैं उन लोगों को जेल में डालो और शराब लाओ और गुंडो को लाओ जिससे कि हमारी सत्ता सिर्फ होनी चाहिए। घर- घर में और आसपास के पड़ोसियों को एक दूसरे से झगड़ा कराओ और झगड़े को बढ़ावा दो, जिससे कि वह सिर्फ हमें ही वोट दें ।

                 छात्र कहते है कि क्या तुम्हारा ऐसा ही राज चलेगा। तुम लोग सिर्फ इस देश को लूट-लूट कर अपनी जेबें भर रहे हो। हम इस देश के देशवासी हैं हम इस देश को बर्बाद होते हुए नहीं देख सकते। छात्र कहते हैं कि ऐ राज्यकर्ता अब तुम सुधर जाओ नहीं तो तुम्हारा बहुत बुरा अंजाम होगा। जब तक तुम सुधरोगे नहीं तब तक हम बहुत क्रांति करेंगे। 

                       छात्र कहते हैं कि तुम लोगों ने कितना कर्ज लेकर रखा है जिस कारण हमारा देश उन्नति नहीं कर पा रहा है। कर्ज के कारण हमारा देश आगे नहीं बढ़ पा रहा है। क्या यह सब हम नहीं जानते। अब हम किसी को भी कुछ दुख भोगने नहीं देंगे। जो लोग दुख जानते नहीं और दुख को पहचानते नहीं तुम लोग उन्हें ही डरा सकते हो। तुम लोगों ने देश को इतना लूटा है किसकी तुम सब देश बेच भी लो तो भी यह कर्ज तुम नहीं चुका सकते। यह सब देखकर हमारा दिल टूट जाता है क्योंकि हमारे आगे संपूर्ण भविष्य पड़ा है। 

                            तुकडोजी महाराज कहते हैं कि जिन लोगों को यह देश चलाना है। वह लोग किस भरोसे पर इस देश को आगे बढ़ाएंगे। शराबखोरी और गुंडागर्दी का माहौल हर तरफ दिखाई देता है। यह सब देखकर हम हाथ मलते हुए रह जाते हैं। वह देश को पूरी तरह से लूट रहे हैं। तुकडोजी महाराज कहते हैं कि तुमने धर्म और नीति से कुछ नहीं सीखा। तुम लोगों ने देश को बहुत लूट लिया है। अब तुम्हारा राज खत्म होगा और अब से हम हमारे देश को सफल बनाएंगे। अब देखो हमें इस देश को चलाना है। अब हमारी देशभक्ति का दिन आएगा क्योंकि अब इस देश को हम चलाएंगे। तुम जैसे देश को लूटने वाले देशभक्त इस देश को नहीं चाहिए। अब तुम यहां से चले जाओ तुम लोगों ने इस देश को बहुत लूट लिया किंतु अब हम इस देश को उन्नति की ओर ले जायेंगे। 

                                 तुकडोजी महाराज कहते हैं कि छात्रों की एक ही कमजोरी है कि वह लोग अपने आप को रोक नहीं सकते और जल्दबाजी में काम करते हैं, किंतु उन्हें धीरज रखकर काम करना होगा। वह हमेशा आक्रामक बने रहते हैं जो राजनेता होते हैं। जो कि कुछ पैसा उन लोगों के पास होता है वह सब मिल-बांटकर देश की जनता का पैसा लूट कर , उन्हें गरीबी की ओर धकेल कर खुद की जेबें भरते हैं। वह लोग स्वयं नहीं जानते कि उनके देश का कितना नुकसान हो रहा है। उन्हें समाज के लोगों की परवाह नहीं है। मैं अपने देशवासियों के लिए और समाज में रहने वाले सभी लोगों के लिए मैं स्वयं लड़ना चाहता हूं। उनके अधिकार के लिए मैं लड़ना पसंद करुंगा किंतु मैं यह भी देखूंगा कि समाज में रहने वाले लोगों का कोई नुकसान ना हो। इस बात का भी मैं ध्यान रखूंगा। 

                तुकडोजी कहते हैं कि हम सब एक साथ होकर सरकार से यह पूछेंगे कि तुम लोगों को धर्म और संस्कृति की कोई परवाह है या नहीं। जब हम सब भारतीय हैं तो हम सबके लिए अलग-अलग कानून क्यों है। हम सबके लिए एक ही समान कानून होना चाहिए। वह चाहे हिंदू रहे या मुसलमान रहे या क्रिश्चियन रहे या जैन रहे। जब हम सब एक हैं तो हम सब का कानून भी एक ही होना चाहिए। 

              तुकडोजी महाराज कहते हैं कि आज के जो छात्र है वह देश का भविष्य भी बदल सकते हैं। आज के युवा ही देश के आधार है उन्हें बताना होगा कि आज तक क्या-क्या हुआ है। हमारे देश में उन लोगों का व्यापार था किंतु अब तक विदेशियों का साथ लेकर क्या तुम उन्हें अपने घर में जगह दोगे। हमें उन लोगों को भारत देश दूर करना होगा। हमारी शक्ति बढ़ाकर हमें हमारे देश को बचना ही होगा। पूरी ताकत से है छात्र इस देश को उन्नति के राह पर ले जाएंगे। और इन राज कर्ताओं से इस देश को हमारी शक्ति से बचाएंगे।

                      तुकडोजी महाराज कहते हैं कि यह जो छात्र है वो अनजान नहीं है। क्यों राजनितीक लोग हैं उनके कामों से छात्र सब जानते हैं। उनका दिमाग बहुत होशियार है। छात्रों को समझ में जो भ्रष्टाचार फैला हुआ है यह देखकर बहुत दुख होता है। छात्र कहते हैं कि राजनेता को समझ लेना चाहिए कि अगर हम सब एक हो गए तो उन लोगों को वोट देने वाला कोई नहीं रहेगा। अगर सबने इस देश को उन्नत करने के लिए निश्चय कर लिया तो तुम जैसे लोगों को इस देश में देशवासी नहीं रहने देंगे।

                             तुकडोजी महाराज कहते हैं कि ऐ छात्रों तुम विदेश के गुलाम मत बनो। जो कुछ भी है यह भारत देश हमारा है। इसे हमें उन्नति की ओर ले जाना है जो विश्व में विवाद हो रहे हैं वह भारत देश को अपने वर्चस्व में करना चाहते हैं। तुकडोजी महाराज कहते हैं कि तुम यदि अध्यात्म का प्रयोग करोगे तो तुम लोग कभी भी कमजोर नहीं होंगे।

                     तुकडोजी महाराज कहते हैं कि इस जाति पाती को कोई स्थान नहीं है। हम सब मनुष्य की जाति एक हैं और हम सब समान है। सबकी भलाई धर्म में है और सबके कर्म में है, सही शिक्षा में है। ऐ छात्रों तुम्हें इस देश को संभालना है जिसके लिए तुम देश का कवच बन जाओ । कवच बनकर भारत देश की सेवा करना है। तभी तुम भारत देश को दुश्मनों से बचा सकते हो।

                    इस प्रकार से तुकडोजी महाराज इस भजन के माध्यम से समझाना चाहते हैं।




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